साहित्य रचना : साहित्य का समृद्ध कोष
संकलित रचनाएँ : 3595
करीमनगर, तेलंगाना
1942 - 2008
अँधेरे में हो इसीलिए अकेले हो रोशनी में आओगे तो कम से कम अपने साथ एक परछाईं तो जुड़ी पाओगे।
अगली रचना
पिछली रचना
साहित्य और संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता होती है। आपके द्वारा दिया गया छोटा-सा सहयोग भी बड़े बदलाव ला सकता है।
रचनाएँ खोजने के लिए नीचे दी गई बॉक्स में हिन्दी में लिखें और "खोजें" बटन पर क्लिक करें