साहित्य रचना : साहित्य का समृद्ध कोष
संकलित रचनाएँ : 3595
अल्मोड़ा, उत्तराखण्ड
1931 - 2001
अभय होकर बहे गंगा, हमें विश्वास देना है हिमालय को शहादत से धुला आकाश देना है। हमारी शांतिप्रियता का नहीं है अर्थ कायरता– हमें फिर ख़ून से लिखकर नया इतिहास देना है।
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