साहित्य रचना : साहित्य का समृद्ध कोष
संकलित रचनाएँ : 3580
अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
1954
कहाँ है वह दुख चट्टानों से टक्कर मारता भरी-पूरी नदी जैसा और यह क्या है बूँद-बूँद टपकता मरे हुए साँप के विष जैसा।
अगली रचना
पिछली रचना
साहित्य और संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता होती है। आपके द्वारा दिया गया छोटा-सा सहयोग भी बड़े बदलाव ला सकता है।
रचनाएँ खोजने के लिए नीचे दी गई बॉक्स में हिन्दी में लिखें और "खोजें" बटन पर क्लिक करें